बात २००७ की है जब मैं पटना में नया नया रहना शुरू किया था उस समय कुछ युवा साथी बड़े ही जोश के साथ समर नाम की पत्रिका जो द्विभाषी […]
बात २००७ की है जब मैं पटना में नया नया रहना शुरू किया था उस समय कुछ युवा साथी बड़े ही जोश के साथ समर नाम की पत्रिका जो द्विभाषी […]
एक संस्था जिसे हम आप समर के नाम से जानते रहे हैं,उससे मेरा जुड़ाव लगभग उसके शुरुआती दिनों से रहा है। पटना में अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के दौरान मेरी मुलाकात […]
